इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसाः अभी भी बोगियों में फंसे हैं लोग, 133 की मौत; घायलों की मदद के नाम पर 500 के पुराने नोट दे गए

कानपुर के पास पुखरायां में हुए रेल हादसे के 28 घंटे बीतने के बाद सोमवार को भी हालात सामान्य नहीं हो पाये हैं। एनडीआरएफ टीम के अनुसार अभी भी कई लाशें फंसी हैं। तड़के 3.10  बजे पटना जा रही 19321 इंदौर-राजेंद्र नगर एक्सप्रेस के 14 डिब्बों के पटरी से उतरने से ये हादसा हुआ। इसे हाल के वर्षों की सबसे भीषण रेल दुर्घटना बताया जा रहा है।

हादसे की वजह से ट्रेन के एस-1 और एस-2 डिब्बे एक-दूसरे में घुस गए जिस कारण इन्हीं डिब्बों के सबसे ज्यादा मुसाफिरों की मौत हुई। इसके अलावा एस-3 और एस-4 डिब्बों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा जबकि एसी थ्री टीयर के यात्रियों को भी गंभीर चोटें आईं।

हादसा इतना जबर्दस्त था कि गहरी नींद में सो रहे ज्यादातर मुसाफिरों ने भी डिब्बों को पटरी से उछलता हुआ महसूस किया। डिब्बों के बीच फंसे यात्रियों को निकालने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया गया।

सेना, एनडीआरएफ और राज्य पुलिस की मदद से बचाव एवं राहत कार्य में लगे रेलवे कर्मचारियों ने बताया कि मरने वालों की तादाद हर घंटे बढ़ती जा रही है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद के मुताबिक, अब तक 131 लोगों के शवों का पता चल पाया है।

गंभीर घायलों को कानपुर के हैलट और उर्सला समेत कई सरकारी अस्पतालों में भेजा जा गया है। अन्य घायलों को अकबरपुर जिला अस्पताल और आसपास की सीएचसी, पीएचसी एवं निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सोमवार सुबह से ट्रेन में फंसे यात्रियों को निकाले जाने का कार्य चल रहा है। अभी भी बहुत से यात्रियों के बोगियों में फंसे होने की आशंका है। मृतक संख्या भी बढ़ सकती है। जिस वक्त ट्रेन पलटी, उसकी रफ्तार 110 किलोमीटर प्रति घंटा थी। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह पटरी चटकने को माना जा रहा है।

एनडीआरएफ, एयरफोर्स, सेना, पुलिस, पीएसी और मेडिकल टीमें राहत, बचाव कार्य में लगी हैं। रेल मंत्री सुरेश प्रभु शाम को दुर्घटनास्थल पहुंचे जबकि रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा, प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री सुधीर रावत, एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी, सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य समेत  रेलवे और पुलिस के आला अफसर रविवार को ही आ गए थे। एनडीआरएफ ने वाराणसी, लखनऊ से दो-दो और गाजियाबाद से एक-एक टीम और भी बुलाई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया है।

अभी भी फंसी हैं कई लाशें, रेस्क्यु ऑपरेशन जारी

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