08_09_2016-medicines

मुरादाबाद अब रोगियों को बारबार चेकअप कराने या दवा लेने अस्पताल या फिर मेडिकल स्टोर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। टेली मेडिसिन सिस्टम से इलाज कराने वाले रोगियों को डाक विभाग घर तक दवा पहुंचाने की व्यवस्था करेगा। यहां डाकिया डॉक्टर की भूमिका में होंगे जो अनपढ़ रोगियों को दवा और उसकी खुराक की जानकारी भी देंगे।

 

डिजिटल इंडिया के साथ ही कई चिकित्सक और बड़े अस्पताल संचालकों ने टेली मेडिसिन सेवा शुरू की है। लंबी बीमारी मसलन मधुमेह, हृदय रोग आदि से पीडि़त रोगियों को पहली बार इलाज कराने के लिए अस्पताल जाना पड़ता है, उसके बाद प्रत्येक माह चेकअप के लिए अस्पताल बुलाया जाता है। चिकित्सक ब्लड प्रेशर, खून आदि की जांच करते हैं और 15 दिन से एक माह की दवा लिखकर दे देते हैं। निश्चित समय पर रोगी को फिर से डॉक्टर के पास जाना पड़ता है।

इससे बारबार आनेजाने में रोगी को परेशानी उठानी पड़ती है। गांव के मरीजों को तो दवा लेने शहर आना पड़ता है। टेली मेडिसिन के जरिए इलाज में अस्पताल प्रशासन रोगी से फोन या मेल पर रिपोर्ट मांग लेता है और उसके आधार पर दवाओं के नाम मेल या वाट्सएप से रोगी के पास भेज दिए जाते हैं।अब डाक विभाग रोगियों के घरों तक दवा पहुंचने की व्यवस्था भी करने जा रहा है। टेली मेडिसिन द्वारा इलाज करने वाले चिकित्सक रोगियों के पास डाक द्वारा दवा भेजेंगे।

इस पर दवा कैसे और कब खानी है, लिखा होगा। अनपढ़ रोगियों को बताने के लिए डाकिया पर्चा पढ़कर दवा की खुराक बताएगा। इसके लिए डाकियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस व्यवस्था से रोगियों को तो बारबार चिकित्सक के पास जाना पड़ेगा और ही दवा खरीदने। सीनियर पोस्टमास्टर आरएस मीना बताया कि डाक विभाग द्वारा केवल जीवन रक्षक दवाएं भेजी जाएंगी। नशीली दवाओं को शामिल नहीं किया जाएगा। इसके लिए वाटरप्रूफ पैकेट की व्यवस्था की जा रही है।

अब दवा की खुराक भी बताएगा डाकिया-डॉक्टर

| उत्तर प्रदेश, मुरादाबाद | 0 Comments
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