लखनऊ। रविवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर जीत की उम्मीद लेकर समाजवादी पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया। वह पार्टी कार्यालय में हैं, लेकिन पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव तो पार्टी कार्यालय नहीं आए। अंबिका चौधरी जैसे पुराने साथी के पार्टी को छोड़कर बहुजन समाज पार्टी में शामिल होने के कारण मुलायम सिंह यादव शनिवार से काफी व्यथित थे। इसी कारण से वह अखिलेश यादव के फोन करने के बाद भी पार्टी कार्यालय नहीं पहुंचे।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के घोषणा पत्र का टाइटल है ‘काम बोलता है’। समाजवादी पार्टी के कार्यालय में मंच पर अखिलेश यादव के साथ आजम खां, पार्टी के उपाध्यक्ष किरनमय नंदा तथा विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय व मंत्री अहमद हसन भी हैं।

समाजवादी पार्टी के घोषणा पत्र जारी करने के समारोह से पार्टी के सरंक्षक मुलायम सिंह यादव ने किनारा कर लिया है। वह कार्यक्रम में नहीं पहुंचे हैं। इसके साथ ही घोषणा पत्र के कार्यक्रम के लिए लगे बैक ड्राप तथा पोस्टर व होर्डिंग से वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव का नाम तथा फोटो भी गायब है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंच से ही पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव को फोन मिलाकर उनको बुलाया है।

घोषणा पत्र जारी होने के कार्यक्रम से पहले मंत्री राम गोविंद चौधरी तथा बलवंत सिंह रामूवालिया ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इसके साथ ही उदयवीर सिंह तथा पार्टी के उपाध्यक्ष किरनमय नंदा ने भी वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया।

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान (11 फरवरी) को लेकर नामांकन प्रक्रिया जारी है। प्रदेश में अभी तक किसी भी पार्टी ने अपना घोषणा पत्र जारी नहीं किया है। बसपा का घोषणा पत्र उनका गुप्त एजेंडा होता है, जबकि भाजपा तथा अन्य किसी दल ने अभी तक चुनाव घोषणा पत्र जारी नहीं किया है। ऐसे में चर्चा है कि समाजवादी पार्टी के इस घोषणापत्र में बिजली, मकान, मोबाइल और एक्सप्रेस-वे से जनता को लुभाने का प्रयास हो सकता है।

घोषणा पत्र में यमुना नदी की सफाई व उसके विकास का मुद्दा अहम रहेगा। गोमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर आगरा और मथुरा में यमुना रिवर फ्रंट का वादा हो सकता है। ताजनगरी आगरा को दुनिया भर की सुविधाओं से लैस शहर बनाने का वादा हो सकता है।

सपा के घोषणापत्र में किसानों के लिए बड़े वादे होने की संभावना है। सिंचाई व्यवस्था के लिए अलग विद्युत फीडर के साथ एक सीमा तक मुफ्त बिजली का एलान हो सकता है। खाद, बीज और गन्ना किसानों को उचित मूल्य दिलाने का वादा होने के भी आसार हैं।

अखिलेश यादव ने मुफ्त स्मार्ट फोन योजना का रजिस्ट्रेशन शुरू करते ही इसे गेंम चेंजर कहा था। अखिलेश यादव ने गरीबों को स्मार्ट फोन बांटने की योजना को ‘तुरुप का इक्का’ बताया है। टीम अखिलेश ने इस योजना के माध्यम से उन युवाओं को लुभाने का प्रयास किया है, जो पहली बार वोटर बने हैं। फोन का वादा होने के साथ मेधावी बच्चों को लैपटाप वितरण की योजना जारी रखने का वादा भी किया जा सकता है। आसरा योजना के तहत राज्य सरकार गरीबों को एक कमरे का घर मुहैया कराती है। इस बार गरीबों को दो कमरों का घर देने का वादा किया जाएगा। सपा के घोषणापत्र में उच्च गुणवत्ता का मिड डे मील वितरित करने का वादा होगा। स्कूली बच्चों को फल, दूध का वादा भी किया जा सकता है। प्राथमिक स्कूलों में बेहतर फर्नीचर, बिजली, पंखा और साफ पानी की सुविधा उपलब्ध कराने का वादा भी हो सकता है।

अखिलेश ने जीत की उम्मीद लेकर समाजवादी पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया

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