समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक मंच पर साथ आकर भले ही कह दिया हो कि ‘यूपी को ये साथ पसंद है’, लेकिन हकीकत इससे परे है।

 

गठबंधन को भले ही कांग्रेस उपाध्यक्ष ने संगम करार दिया लेकिन गाजियाबाद में कांग्रेस और सपा का संगम होता नहीं दिख रहा है। बुधवार को मसूरी में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की रैली है लेकिन कांग्रेस प्रत्याशियों को निमंत्रण तक नहीं मिला है।

 

गठबंधन के बाद गाजियाबाद और साहिबाबाद की सीट कांग्रेस के खाते में चली गईं। कांग्रेस ने साहिबाबाद से बसपा छोड़कर आए अमरपाल शर्मा को और गाजियाबाद विधानसभा सीट से केके शर्मा को टिकट दिया है।

 

कांग्रेस प्रत्याशी केके शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री की जनसभा के लिए उनके पास कोई निमंत्रण नहीं आया है। इस मामले में सपा पदाधिकारियों से बात करेंगे, तभी कुछ कह सकेंगे।

 

उधर, प्रत्याशी अमरपाल शर्मा का कहना था कि उनके पास बुधवार को प्रचार सभाएं बहुत हैं, ऐसे में वह मुख्यमंत्री की जनसभा में नहीं जाएंगे। हालांकि उन्होंने जनसभा के लिए निमंत्रण मिलने या नहीं मिलने की बात नहीं बताई, लेकिन सूत्रों के मुताबिक उन्हें भी निमंत्रण नहीं दिया गया है।

 

इस मसले पर बात करने के लिए सपा पदाधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई मगर उनसे संपर्क नहीं हो सका। उधर, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हरेंद्र कसाना ने कहना है कि सभी कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता जनसभा में सम्मिलित होकर अपना समर्थन देंगे।

 

इसके लिए सपा के पदाधिकारियों से बातचीत हो चुकी है, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशियों के जनसभा में शामिल होने की जानकारी होने से इंकार किया।

 

अखितलेश यादव की जनसभा में कांग्रेस प्रत्याशियों को निमंत्रण तक नहीं

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